Kasol- इजराइलों की पसंद बना हिमाचल का ये गांव
इजराइलों की तरह लोगों का रहन-सहन
हिमाचली हलचल।। हिमाचल में एक गाँव ऐसा है जो इजराइलों की पसंद बन गया है। जी हां, हम बात कर रहे हैं हिमाचल के जिले कुल्लू में बसे कसोल गांव की। 1640 मीटर की उंचाई पर स्थित ये जगह पार्वती नदी के किनारे पर भुंतर से मणिकर्ण के रास्ते पर स्थित है। कुल्लू से करीब 42 किलोमीटर दूर यहां पर आकर ऐसा लगता ही नही है कि हम भारत में हैं बल्कि लगता है कि हम ईजराइल में आ गये हैं इसीलिये इसे मिनी इजराइल भी कहा जाता है।
वहीं, बता दें तो भारतीय पुरुषों के इस गांव में आने पर रोक है। यदि आ भी जाएं तो लोकल लोग उन्हें ठहरने के लिए किराए पर कमरे ही नहीं देते हैं। लोगों का कहना है कि यहां आने वाले भारतीय पुरूष इजरायली महिलाओं के साथ छेड़खानी करते हैं और उनकी मस्ती में खलल डालते हैं। कोई भारतीय पुरूष यदि पर्यटक बनकर इलाके में आता है तो उसे किराए पर कमरा ही नहीं दिया जाता है।
इजरायल के नागरिकों का दावा है कि उन्होंने करीब दो दशक पहले कसोल गांव को खोजा था। घरेलू पर्यटकों की मनाली में संख्या बढऩे के बाद जब मनाली अपना प्राकृतिक रूप खोने लगा तो इजरायली टूरिस्ट एकांत स्थल ढूंढने के लिए पार्वती घाटी के किनारे बसे गांव कसोल की ओर रूख करने लगे।
इस गांव में ड्रग्स, मस्ती और चैन का पूरा वक्त मिलने की वजह से यहां सैलानियों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। इस क्षेत्र के आस-पास के गांवों में इजरायली झंडे नजर आते हैं। शुरुआत में इजरायली कसोल आए तो उन्होंने जगह किराए पर लीं। उन्होंने अपने गेस्ट हाउस, कैफे चलाए। स्थानीय लोगों ने उन्हें अपनी जगहें दी, क्योंकि उन्हें यकीन था कि इससे वहां रोजगार के साधन पैदा होंगे।
कसोल के रेस्तरां में सारे मैन्यू हिब्रू भाषा में है। नमस्कार की जगह आपको 'शलोम' सुनाई पड़ेगा और यूं ही घूमते फिरते कई इजराइलियों से आपका सामना होगा। यहां विदेशियों के साथ-साथ भारतीय टूरिस्ट भी खिंचे चले आते हैं।

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