मां के जयकारों से गूंजने लगे मंदिर, श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पुख्ता इंतजाम
मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं। मंदिर अधिकारी प्रेम लाल शर्मा ने बताया कि नवरात्रों के दौरान मंदिर के कपाट सुबह पांच बजे खुलेंगे और रात को दस बजे बंद होंगे। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए मंदिर को खोलने और बंद करने के समय को बढ़ाया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि चिंतपूर्णी मंदिर आरती का समय सुबह पांच बजे और रात आठ बजे होगा, जबकि भोग दिन में तीन बार सुबह दोपहर 12 बजे व रात को लगेगा। उन्होंने बताया कि भोग में खीर, पूरी, चने चावल, हलवा आइर व्यंजन मैया को परोसे जाएंगे।
- वहीं, नयना देवी मंदिर को भी दुल्हन की तरह सजाया गया है। भक्तों को सुबह से ही मंदिर में आना शुरू हो गया है। लोग लाइनों में लगकर मां के दर्शन कर रहे हैं। नयना देवी मंदिर अधिकारी मदन लाल चंदेल ने बताया कि आज नयना देवी जी मंदिर के कपाट रात दो बजे की खोल दिए जाएंगे।
- इसके अलावा माता ज्वालाजी मंदिर की सुरक्षा 200 जवानों के हातों होगी। इसके अतिरिक्त 30 होमगार्ड्स और 20 पूर्व सैनिकों की भी तैनाती की गई है। मंदिर के कपाट सुबह चार बजे खुल जाएंगे।
- मां बज्रेश्वरी मंदिर कांगड़ा में भी सुबह चार बजे कपाट खुल जाएंगे। सुरक्षा के लिए पुलिस की एक रिजर्व लगाई गई है साथ ही होमगार्ड के 30 जवान भी तैनात किए गए हैं। मंदिर में सुबह साढ़े सात बजे व शाम को साढ़े सात बजे आरती होगी। मां को पूरी-चने का भोग लगेगा। मंदिर में नारियल ले जाने पर पाबंदी रहेगी।
- मां चामुंडा मंदिर में सुरक्षा के लिए 150 जवान तैनात रहेंगे। इनमें 30 होमगार्ड शामिल हैं। पांच अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए गए। सुबह 4 बजे मंदिर के कपाट खोले जाएंगे। रात 10 बजेतक मंदिर खुला रहेगा। सुबह की आरती 8 बजे व शाम की आरती 7.30 बजे होगी। नवरात्र के पहले दिन मां चामुंडा को हलवा, पूरी व चने का भोग अर्पितकिया जाएगा।


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