Proud- दुनिया की खतरनाक सड़कों पर ट्रक दौड़ाती है हिमाचल की ये लड़की
हिमाचली हलचल।। आपने हमेशा लड़कों को ही हैवी व्हीकल चलाते हुए देखा होगा, लेकिन क्या आप जानते हो कि हिमाचल की एक बहादुर लड़की पूनम नेगी है, जो दुनिया के खतरनाक हाईवे किन्नौर में ट्रक चला लेती है। इतना ही नहीं, 23 साल की ये बहादुर लड़की इस ट्रक में भवन निर्माण की कई टन सामग्री भी सही सलामत गंतव्य तक पहुंचाती है।पूनम हिमाचल और देश की उन चुनिंदा लड़कियों में से एक है जो हैवी ट्रक चलाती है और उसके पास बाकायदा हैवी ट्रांसपोर्ट व्हीकल चलाने का लाइसेंस भी है। हिमाचल के जिला किन्नौर का नाम सुनते ही ज्यादातर ड्राइवर वहां की खतरनाक सड़कों और साथ बहती सतलुज के तेज प्रवाह को देखते ही जाने से मना कर देते हैं वहीं उसी सड़क पर पूनम ने रामपुर से 144 किलोमीटर दूर रारंग गांव तक भारी सामान के साथ ट्रक चलाया।
इस बहादुर लड़की ने की है HRTC की दो माह की ड्राइविंग ट्रेनिंग
पूनम नेगी ने HRTC की दो माह की ड्राइविंग की ट्रेनिंग भी कर रखी है। फिलहाल पूनम अभी सरकारी क्षेत्र में नौकरी पाने के लिए तैयारियां में जुटी हैं। पूनम बताती हैं कि उन्हें उंचाई और खतरनाक रास्तों से बिल्कुल डर नहीं लगता है। वह किसी भी संकरी और खतरनाक सड़क से बिना डरे छोटी हो या बड़ी किसी भी गाड़ी को आसानी से चला लेती हैं।
खारदुंगला सड़क में चलाना चाहती है ट्रक
पूनम अब दुनिया की सबसे उंचाई वाली सड़क खारदुंगला पास पर ट्रक चलाना चाहती है। 17582 फीट की उंचाई वाली इस सड़क को सबसे खतरनाक सड़क माना जाता है और साल के अधिकतर समय यह बर्फ से ढकी रहती है। पूनम का कहना है कि वे लेह और इसके बाद लेह से खारदुंगला पास तक अकेले ट्रक चलाना चाहती हैं। इसके अलावा पूनम ने एचटीवी लाइसेंस भी हासिल किया है।
पूनम नेगी बताती हैं कि उन्होंने अपने चाचा की पिकअप गाड़ी चलाना पांच साल पहले सीखा था और अब उन्हें छोटी गाड़ियां चलाना अजीब सा लगता है। पूनम का कहना है कि उन्हें बड़ी गाड़ी में खतरनाक सड़कों को पार करने का शौक है और वे भविष्य में HRTC के लिए भी बस चलाना चाहती हैं।
पूनम का कहना है कि मैंने जब पीकअप और अपने चाचा का ट्रक चलाना शुरू किया तो आस पड़ोस के लोग उनका खूब मजाक उड़ाते थे। वहीं जब वे किसी सामान को लाने के लिए पिकअप या ट्रक में जाती थी तो लोग बड़ी हैरानी से देखते थे कि लड़की बड़ी गाड़ी चला रही है। पूनम बताती है कि जबसे लोगों को पता चला है कि मैंने रामपुर से रारंग तक खुद ट्रक चलाकर लाया है तो वे मेरी हिम्मत पर गर्व महसूस कर रहे हैं।
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