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Himachal में थर्मोकोल की प्लेटों और ग्लासों पर रोक

मुख्यमंत्री ने किया प्रदूषण उपशमन पौध अभियान का किया शुभारम्भ

राज्य में 10 ठोस कचरा प्रबंधन संयंत्र स्थापित किए जाएंगे


हिमाचली हलचल।। हिमाचल में थर्मोकोल की प्लेटों और ग्लासों पर प्रतिबन्ध लगाया जाएगा, क्योंकि ये प्रदूषण के मुख्य कारणों में हैं। ये बात मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज मण्डी जिले के राजकीय पालिटेक्निक महाविद्यालय सुन्दरनगर में विश्व पर्यावरण दिवस-2018 के अवसर पर के लिए आयोजित राज्य स्तरीय समारोह की अध्यक्षता करते हुए कही। इससे पूर्व, मुख्यमंत्री ने राजकीय पॉलिटैक्निक सुन्दरनगर में 1.50 करोड़ रुपये के अतिथि गृह तथा 5.58 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले मकैनिकल इंजीनियरिंग खण्ड भवन की आधारशिलाएं रखीं।


इसके अलावा उन्होंने कहा कि राज्य में सार्वजनिक सभाओं के दौरान एक लीटर क्षमता से कम की पानी की प्लास्टिक बोतल पर प्रतिबन्ध लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि कचरे के वैज्ञानिक प्रबन्धन के लिए राज्य के विभिन्न भागों में 10 ठोस कचरा प्रबन्धन संयंत्र स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सुन्दरनगर तथा घुमारवीं शहरों के लिए पॉलिथीन शैडर मशीन प्रदान की जाएगी।

प्लास्टिक के बैगों पर प्रतिबन्ध लगाने वाला हिमाचल देश का पहला राज्यः-


सीएम ने लोगों का आह्वान किया कि वे प्रदेश सरकार द्वारा बनाए गए विभिन्न कार्यक्रमों व नीतियों को लागू करने के लिए आगे आएं। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक ने हमारे जल स्त्रोतों को बूरी तरह से प्रदूषित किया है। इससे जल में रहने वाले जीव-जन्तुओं के जीवन को भी नुक्सान पहुंचा है और मानव जीवन के लिए भी खतरा उत्पन्न हो गया है, जो पर्यावरण संस्थाओं को इस वर्ष मुख्य चिन्ता का विषय है। उन्होंने कहा कि प्रदेश देश का ऐसा पहला राज्य है जहां प्लास्टिक के बैगों पर प्रतिबन्ध लगाया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आने वाले पर्यटकों को प्लास्टिक के बैग के स्थान पर जूट अथवा कागज के बने थैलों के उपयोग के प्रति जागरूक किया जाना चाहिए।

नर्सरियों में प्रदूषण को कम करने वाले पेड़ पौधें उगाए जाएंगेः-


शिमला में पानी की समस्या प्रदूषण तथा कैचमेंट क्षेत्र व शिमला को पेयजल आपूर्ति करने वाली नदियों और जल स्त्रोतों में पानी की कमी के कारण उत्पन्न हुई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की नर्सरियों में प्रदूषण को कम करने वाले पेड़ पौधें उगाए जाएंगे ताकि इन्हें लोगों को पौधरोपण के लिए वितरित किया जा सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने उद्योग विभाग को चिलारू का उचित उपयोग के लिए ईकाइ स्थापित करने की परियोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

प्लास्टिक की बोतलों की जगह बच्चों को दों स्टील की बोतलेंः-


उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री वर्दी योजना के अन्तर्गत प्लास्टिक की बोतलों के उपयोग को बन्द करने के लिए चरणबद्ध ढंग से सरकारी स्कूल के प्रत्येक विद्यार्थी को स्टील की बोतल प्रदान की जाएगी। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण में सहयोग करने के लिए अभिभावकों से प्लास्टिक बोतलों के स्थान पर अपने बच्चों को स्टील की बोतलें खरीदने का आह्वान किया। 

उन्होंने कहा कि बद्दी, नालागढ़, परवाणु, कालाअम्ब, पांवटा साहिब, सुन्दरनगर, डमटाल तथा ऊना में 5 जून से पहली जुलाई, 2018 तक पौधरोपण पर विशेष बल दिया जाएगा, क्योंकि ये शहर राज्य के सर्वाधिक प्रदूषित शहर हैं। उन्होंने परिसर में पौधे का रोपण किया तथा विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर प्रदर्शनी का उदघाटन किया। 

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