ठोकरे मिलने के बाद भी नहीं मानी जिंदगी से हार, हासिल किया अपना मुकाम परिवार में बेटी होने के कारण मां को झेलनी पड़ी थी कई तकलीफें हिमाचली हलचल।। पिता से प्यार के बदले मिली नफरत, फिर मां को घर से बाहर निकाल देना, मां का कसूर सिर्फ इतना ही बेटी को पैदा करना। आज हम आपको कांगड़ा के उस शख्स के संघर्ष की दास्तां बताने जा रहे हैं, जो सच में काबिले तारीफ है। बार-बार ठोकरें मिलने के बाद भी कांगड़ा की मिनाक्षी ने अपनी जिंदगी से हार नहीं मानी। परिवार वालों की लड़के की ख्वाइश ने मां को घर से बाहर निकाल दिया कांगड़ा के केंद्रीय विद्यालय अल्हीलाल की म्यूजिक टीचर मिनाक्षी का जन्म उस परिवार में हुआ, जहां शायद लड़की के जन्म को अपराध माना जाता था। मीनाक्षी का कहना है कि मुझसे बड़ी मेरी एक और बहन है। परिवार वालों ने सोचा ता कि लड़का होगा, लेकिन भगवान को कुछ और मंजूर था और मैं पैदा हो गई। मेरे पैदा होने की खबर सुनते ही घर वालों ने मेरी मां को हर रोज मारना-पीटना शुरू कर दिया। इतना ही नहीं पिता जी ने मां को तलाक दिए बिना ही दूसरी शादी कर ली। मां ने हमें पालने के लिए एक वकील के घर में साफ-सफा...